Meri udaan mera aasman

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मुझे राजनीतिज्ञ बनना है .....

Posted On: 8 May, 2015 social issues,कविता,Hindi Sahitya में

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मुझे राजनीतिज्ञ बनना है
राजनीतिज्ञ …..
राजनीति का ज्ञाता
राजनीति ?
संधि-विच्छेद
राज+ नीति
राज करने की नीति ……..!
राजनीतिज्ञ बनना
कोई आसान काम तो नहीं है
रखना पड़ता है ध्यान
छोटी-छोटी बातो का
अपने घर से लेकर
पड़ोसियों के घर तक का
अपने ही घर में रहना पड़ता है
जासूसों की तरह
समझना पड़ता है
सदस्यों के बदलते व्यवहार को
कौन क्या कह रहा है
क्यों कह रहा है
किस परिस्थिति में कह रहा है
रखनी पड़ती है इस पर
पैनी नज़र ……
जमीन-जायदाद का बंटवारा
औरतो का पुरुषो को भड़काना
पुरुषो का फिर आपस में लड़ना
ये भी तो राजनीति का ही
एक हिस्सा है …….
जरूरत के हिसाब से
तय होते हैं घरो में भी रिश्ते
किसका कितना प्रभुत्व है
किसके पास कितनी दौलत है
यही तय करता है कि
किसको किससे कितना बोलना है
कब बोलना है …….
यहां भी तो यह तय होता है बैठको में
जो कभी-कभी घर के आँगन में होती है
तो कभी एक बंद कमरे की चारदीवारी में …….
क्यों देते हैं दोष लोग
राजनेताओ को
कि वो राजनीति का खेल खेलते हैं
जबकि सच तो ये है कि
राजनीति हम सब इंसानो के
खून में ही है ……..
हाँ ऐसा हो सकता है कि
इसका जो पैमाना है वो
छोटा-बड़ा हो सकता है
छोटे लोग -छोटी राजनीति
बड़े लोग- बड़ी राजनीति ………!
राजनीति ?
सन्धि-विच्छेद
राज + नीति
राज करने की नीति …..
खुद को बड़ा और दुसरो को
छोटा साबित करने की राजनीति
दो लोगो को आपस में दुश्मन बनाकर
उन पर राज़ करने की नीति ……
बहु की सास पर और सास की बहु पर
विजय पाने की नीति
यह भी होती ही है न राजनीति ??
आजकल तो एक और नयी
जगह सामने आई है
जहाँ होती है ऊँचे दर्जे की राजनीति
प्रसिद्ध है हर कहीं आजकल
फेसबुक की राजनीति ….
किसको कितना कमेंट देना है
कितना लाइक देना है
किससे कितना हमे मिला
मिल रहा है तो देंगे
नही मिला तो क्यों देंगे ?
मुझे राजनीतिज्ञ बनना है
राजनीति का ज्ञाता
क्योंकि मैंने देखी है
सीखी है, समझी है
राजनीति की बारीकियां अपने घर में
अपनों से, पड़ोसियों से
रिश्तेदारो से, दोस्तों से
राजनेताओ ने भी तो
ऐसे ही सीखी होगी न राजनीति ?
आखिर वो भी तो
इसी समाज का एक हिस्सा हैं
हैं न ?????????

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49 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bhartiyavivektiwari के द्वारा
May 29, 2015

सोनम सैनी जी आपको , साप्ताहिक सम्मान प्राप्त के लिए बधाई, आप नित नवीन लेख से हमे अभिवभूत करे एवम राजनीती को अपनी शब्द कौशल की कला से एक नए रूप में परिभासित करना निश्चित ही प्रसंसनीय है। सह4

    Sonam Saini के द्वारा
    May 30, 2015

    विवेक तिवारी जी नमस्कार ……… आपके शब्दों के लिए आभारी हूँ ……… समय देने के लिए शुक्रिया

kavita1980 के द्वारा
May 29, 2015

बहुत सुन्दर  बहुत हीु  सुन्दर  कुछयूँ लगा कि अपने ही विचारों को किसी ौर केमुँह से सुन रही हूँ

    Sonam Saini के द्वारा
    May 30, 2015

    कविता जी नमस्कार …….. आपकी कविता पढ़कर बहुत अच्छा लग रहा है ………समय देने के लिए शुक्रिया … :)

    Sonam Saini के द्वारा
    May 30, 2015

    कृपया कविता को प्रतिक्रिया पढ़े ….क्षमा सहित

Shobha के द्वारा
May 26, 2015

प्रिय सोनम बेस्ट बेस्ट ब्लागर of दा वीक देख कर बहुत ख़ुशी हुई तुम तो बेस्ट ब्लागर सदा के लिए हो इतनी परिपक्कव रचना तुम असाधारण हो डॉ शोभा

    Sonam Saini के द्वारा
    May 26, 2015

    आदरणीय शोभा मैम सादर नमस्कार ………इतनी सारी तारीफ की मैं हक़दार नही हूँ मैम …..वो तो जे जे के संपादक मंडल का व आप सभी का आभार व धन्यवाद कि उन्होंने मेरी साधारण सी कविता को इस लायक समझा और आप सभी ने इतना सराहा ……वरना मैं इस काबिल नही हूँ …. समय देने के लिए तहे दिल से शुक्रिया मैम ….

Dr. D K Pandey के द्वारा
May 25, 2015

कोशिश अच्छी है पर राजनीतिज्ञ को समझना घर की तरह आसान नही है घर से तो आप निकले है . ब्लॉगर ऑफ़ द वीक के लिए बधाई हो .

    Sonam Saini के द्वारा
    May 26, 2015

    नमस्कार आदरणीय डी के पाण्डेय जी ………… मुझे तो ऐसा लगता है सर कि घरो में होने वाली राजनीति को समझना सबसे ज्यादा मुश्किल काम है, देश की राजनीति का हाल तो फिर भी पता चलता रहता है, अनुमान होता है कि आगे क्या होने वाला है लेकिन जो राजनीति घरो में होती है ……..उसकी तो किसी को भनक भी नही लगती…. समय देने व बधाई के लिए शुक्रिया सर जी …

sudhajaiswal के द्वारा
May 25, 2015

बहुत-बहुत बधाई सोनम बेस्ट ब्लॉगर ऑफ़ द वीक सम्मान के लिए, कविता मुझे भी बेहद अच्छी लगी|

    Sonam Saini के द्वारा
    May 26, 2015

    अरे सुधा दी …….आप……………., Good to see u here……….. आपको कविता पसंद आई शुक्रिया ………., :) अपने व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय मेरी रचना को देने के लिए धन्यवाद दी ………….. :)

rameshagarwal के द्वारा
May 25, 2015

जय श्री राम सोनामजी बहुत ही सटीक कविता राजनेताओ के बारे में लिखी बहुत पसंद आई सबसे श्रेष्ट चुने जाने के लिए बधाई.आज कल के कुछ नेताओ ने राजनीती की गंदगी को साफ़ करने की कोशिश की कितने सफल होते वक़्त बताएगा.हमारे देश का मीडिया राजनेताओ से भी ज्यादा खतरनाक है.बहुत साधुवाद.

    Sonam Saini के द्वारा
    May 26, 2015

    आदरणीय रमेश अग्रवाल जी नमस्कार ………जी हाँ मीडिया के तो कहने ही क्या …बिना सच झूठ जाने कुछ भी दिखती है, बताती है …………रचना को पसंद करने के लिए धन्यवाद ………..

आर.एन. शाही के द्वारा
May 25, 2015

तुम्हारा सम्मानित होना बहुत अच्छा लगा सोनम, बधाई… नई नई उपलब्धियों के साथ हमेशा खुश रहो, यही शुभकामना है ।

    Sonam Saini के द्वारा
    May 26, 2015

    आदरणीय शाही सर जी सादर नमस्कार ……….कैसे हो आप? आपने व्यस्त होते हुए भी रचना को समय दिया तहे दिल से शुक्रिया सर जी ….

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    May 28, 2015

    अब आप हैं महा गुरु , बाक़ी बने चेला राजनीति अखाड़े में , रोज लगता मेला प्रदीप कुशवाहा

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    May 28, 2015

    आदरणीय शाही सर जी सादर प्रणाम. दर्शन दें प्रभु ,

    Sonam Saini के द्वारा
    May 30, 2015

    चाचा जी नमस्कार …………..

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
May 25, 2015

सोनम जी, साप्ताहिक सम्मान के लिए बधाई । राजनीति को लेकर लिखी यह रचना अच्छी लगी । आगे भी इसी तरह लिखती रहें । शुभकामनाएं ।

    Sonam Saini के द्वारा
    May 26, 2015

    आदरणीय सर नमस्कार …………….सराहना व शुभकामनाओ हेतु आभार व धन्यवाद …

advpuneet के द्वारा
May 24, 2015

बहुत सुन्दर कविता है..बहुत बहुत बधाई !

    Sonam Saini के द्वारा
    May 24, 2015

    पुनीत जी नमस्कार …कविता को पसंद करने व सराहना हेतु शुक्रिया …..

jlsingh के द्वारा
May 24, 2015

केजरीवाल ने कब सोचा था दिल्ली का मुख्य मंत्री बनूँगा …लेकिन बना तो क्या शानदार पारी खेल रहे हैं. धोनी एक छोटे शहर का लड़का …कब सोचा था देश विदेश में इतना नाम कमायेगा …अब्दुल कलाम कहते हैं- सपने अवश्य देखो…इसलिए हरिश्चंद्र जी की बात मानते हुए कर्म करती रहो फल की चिंता मत करो इहलोक तो सुखी होगा ही पर लोक में ओम शांति ओम शांति करती रहना …बहुत बहुत बधाई बस लिखती रहो मन की भावना को पंक्तिबद्ध करती रहो. बहुत बहुत बधाई और चाचा का आशीर्वाद!

    Sonam Saini के द्वारा
    May 24, 2015

    आदरणीय चाचा जी नमस्कार … जी फल की चिंता करना तो अब छोड़ ही दिया है …. :) आशीर्वाद व बधाई के लिए शुक्रिया चाचा जी ….

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
May 23, 2015

सोनम जी ईन व्लोगरों के तारीफ के पुलों पर बहकते मत चल पडना वरना सत्यवादी हरिश्चंद्र से पापी हरिश्चंद्र सी बन जाओगी । हर चाणक्य का अंत दुखद ही होता है । जीवित नरक भोगता है अथवा कुल नाश होता है । ईतिहास गवाह है । गीता मै भुक्त भोगी भगवान श्री क्रष्ण भी यही कहते है । राजस सुख वर्तमान मैं ही सुखद होता है अंत दुखांत ही होता है । भगवान तुम्हैं सद् बुद्धी प्रदान करे ताकी लोक परलोक मै ओम शांति शांति से रह सको । ओम शांति शांति

    Sonam Saini के द्वारा
    May 24, 2015

    आदरणीय हरिश्चंद्र जी नमस्कार …….. आपकी प्रार्थना जल्दी ही कुबूल हो ऐसी भगवान जी से मेरी भी प्रार्थना है कि वो मुझे सद्बुद्धि प्रदान करे …. सद्बुद्धि कि बहुत आवश्यकता है ….. अपना कीमती समय व सुझाव देने के लिए आभार व धन्यवाद सर जी …

Ravindra K Kapoor के द्वारा
May 23, 2015

सोनमजी आपको तो एक राजनीतिज्ञ ही बनना चाहिए. पुरे पांच अंक . सुन्दर कविता मेरी सुभकामनाएँ ..Ravindra K Kapoor

    Sonam Saini के द्वारा
    May 24, 2015

    आदरणीय रविंदर कपूर जी नमस्कार ….पुरे पांच अंक देने के लिए आभार ….आपको कविता पसंद आई तहे दिल से शुक्रिया ….

sadguruji के द्वारा
May 23, 2015

आदरणीय सोनम सैनी जी ! ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ चुने जाने की बहुत बहुत बधाई ! आप यूँ ही लिखती रहिये ! बहुत बहुत आशीर्वाद और शुभकामनायें !

    Sonam Saini के द्वारा
    May 24, 2015

    आदरणीय सद्गुरु जी सादर नमस्कार …..बधाई, शुभकामनाओ और आशीर्वाद के लिए तहे दिल से शुक्रिया …..

yogi sarswat के द्वारा
May 11, 2015

मुझे राजनीतिज्ञ बनना है राजनीति का ज्ञाता क्योंकि मैंने देखी है सीखी है, समझी है राजनीति की बारीकियां अपने घर में अपनों से, पड़ोसियों से रिश्तेदारो से, दोस्तों से राजनेताओ ने भी तो ऐसे ही सीखी होगी न राजनीति ? आखिर वो भी तो इसी समाज का एक हिस्सा हैं क्या बात है ! बहुत दिनों बाद शानदार और सार्थक पोस्ट लेकर आई हो सोनम !

    Sonam Saini के द्वारा
    May 19, 2015

    धन्यवाद भैया ……..

sadguruji के द्वारा
May 9, 2015

आदरणीया सोनम सैनी जी ! अच्छी व्यंग्य रचना के लिए बधाई ! राजनीति में जाओ, परन्तु आज के नेताओं की तरह राजनीतिज्ञ मत बनाना ! कुछ दिनों का मौन कुछ तो नयापन ले के आता ही है, जैसे राहुल गांधी ! आपके भीतर भी द्वन्द जारी है, जिसकी प्रतिछाया रचना में भी झलक रही है ! मेरी शुभकामना और आशीर्वाद बस यही है ! जो राह चुनी तुने, उसी राह पे राही चलते जाना रे ! हो कितनी भी लम्बी रात, दिया बन जलते जाना रे !!

    Sonam Saini के द्वारा
    May 10, 2015

    आदरणीय सद्गुरु जी सादर नमस्कार …राजनीति में जाने की कोई इच्छा नही है ……लेकिन राजनीति को समझने की कोशिश है ये बस मात्र ……आपने सही पहचाना …एक द्वंद्व युद्ध अंदर छिड़ा हुआ है न जाने कब जाकर कोई कंक्लूशन निकलेगा ,,,,,आशीर्वाद और शुभकामनाओ के लिए आभारी हूँ …..याद रखने के लिए शुक्रिया सर ….

आर.एन. शाही के द्वारा
May 9, 2015

राजनीतिशास्त्र के विविध आयामों का अच्छा वर्णन किया है सोनम । बधाई ..

    Sonam Saini के द्वारा
    May 9, 2015

    आदरणीय शाही सर जी नमस्कार …..आज बहुत दिनों बाद आपको देखा …सब कुशल मंगल होगा ऐसी आशा है …..कविता को पसंद करने व समय देने के लिए आभार सर जी …..

    आर.एन. शाही के द्वारा
    May 9, 2015

    सब कुशल है, बस मंगल की जगह नवें स्थान पर शनि बैठा है । (आज तारीख नौ और दिन शनिवार जो है ।) मेरे विचार से  राजनीतिज्ञ बनने से अच्छा होता है रचनात्मक बने रहना । तुम्हारी हर रचना संदेशपरक होती है । पुनः बधाई ..

    jlsingh के द्वारा
    May 10, 2015

    आदरणीय शाही साहब, चरण वंदन! आपके तो दर्शन दुर्लभ हो गए हैं. आज यहाँ आपकी प्रतिक्रिया देखी तो लगा कहीं घूम फिरकर आएंगे तो मेरा भी प्रणाम स्वीकार्य हो जायेगा. नौ तारीख शनिवार को मोदी जी बहुत सारे शुभ कार्यों का शुभारम्भ किया है उनके लिए हर दिन ही शुभ दिन है. जिंदगी में उताड़-चढ़ाव आते रहते हैं. तभी तो हम उस मालिक को याद रखते हैं. आपके लिए भी सब कुछ शुभ हो इसी कामना के साथ…

    आर.एन. शाही के द्वारा
    May 10, 2015

    भाई जी प्रणाम । जब भी मौक़ा मिलता है, और आगे भी मिलेगा, हम हमेशा साथ साथ हैं और रहेंगे । विडम्बना ही है कि नेट हाथ में रहते हुए भी हम नियमित नहीं मिल पाते । मोदी जी तो रोज़ ही कुछ न कुछ कर ही रहे है, आज भी एक मृत औद्योगिक इकाई को कोरामिन की खुराक पिलाने का काम किया उन्होंने । मोदी जी सच्चे अर्थों में एक राजनीतिज्ञ से अधिक रचनात्मक  शख्सियत हैं । राजनीति उनके लिए साधन मात्र है, साध्य नहीं । मैं सोनम को ऐसा ही कुछ समझाने का प्रयास कर रहा था । आप की प्रेम पाती हेतु हार्दिक आभार ।

    jlsingh के द्वारा
    May 10, 2015

    जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू, सो तेहि मिलही न कछु संदेहू….मुझे बिश्वास था शाही साहब आप घूम फिरकर यहाँ जरूर लौटेंगे और आपसे साक्षत्कार हो ही गया. मेरा वर्तमान पोस्ट ९ मई और मोदी जी का कार्यक्रम ही है. अगर मौका मिले तो आशीर्वाद दें! http://jlsingh.jagranjunction.com/2015/05/10/9-%E0%A4%AE%E0%A4%88-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE/

    Sonam Saini के द्वारा
    May 10, 2015

    आदरणीय शाही सर जी और चाचा जी नमस्कार …..मैं बहुत भाग्यशाली हूँ जो आप लोग मुझे याद रखते हो….शाही सर ने अपने व्यस्त समय में से कुछ समय मेरी रचना को दिया …..शाही सर जी आज 10 तारीख हो गयी है …माँ के आशीर्वाद से आपकी सारी समस्याएं, परेशानियां शीघ्र ही खत्म हो जाएगी …. All the very best sir ji ….

Shobha के द्वारा
May 9, 2015

ऐ राजनीतिज्ञ जी आपका राजनीति ज्ञान अधूरा हैं आज की राजनीति में झूठे वादे करना ब्लेमगेम अपने को सताया सिद्ध करना किसी की न सुनना बस अपनी गाना यह एड कर लीजिये हाँ ऐसा हो सकता है कि इसका जो पैमाना है वो छोटा-बड़ा हो सकता है छोटे लोग -छोटी राजनीति सत्य है बड़े लोग- बड़ी राजनीति ………! राजनीति ?

    Sonam Saini के द्वारा
    May 9, 2015

    आदरणीय शोभा मैम नमस्कार ……अभी तो सीख रही हूँ मैम, पूरी तरह से सीखना बाकि है अभी ….. :) समय देने के लिए आभार व धन्यवाद मैम ….

anilkumar के द्वारा
May 9, 2015

आदरणीय सोनम जी , दुर्भाग्य से समस्त नकारत्मकताओं का पुंज ही आज की राजनीति का पर्याय बन गया है , जिसका आप ने अपने काव्य में बखूबी वर्णन किया है । परन्तु राजनीति का सकारात्मक  पक्ष भी है , जहां राजनीति का निर्वाह धर्म के पालन की तरह होता है । आशा है जब आप राजनीतिज्ञ  बनेगी तब आप राजनीति के सकारात्मक पक्ष का ही अनुकरण करेंगी । 

    Sonam Saini के द्वारा
    May 9, 2015

    आदरणीय अनिल कुमार जी सादर नमस्कार …..जी जरूर ….. :) समय देने के लिए शुक्रिया …

Maharathi के द्वारा
May 9, 2015

राजनीति का बारीक एवं सटीक मूल्यांकन किया है। बधाई।डा. अवधेश किशोर शर्मा ‘महारथी’ वृन्दावन, मथुरा (उ.प्र.) +919319261067 http://maharathi.jagranjunction.com/

    Sonam Saini के द्वारा
    May 9, 2015

    आदरणीय सर सादर नमस्कार …..कविता को पसंद करने व आपका कीमती समय देने हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद …

jlsingh के द्वारा
May 8, 2015

१८ दिसंबर के बाद ८ मई, समसामयिक क्लेवर में सूक्ष्मता का दर्शन! धन्य हो सोनम! बीच में एक डैम गायब फिर अचानक नए समसामयिक पोस्ट लेकर हाजिर हो जाती हो… सच ही कहा तुमने कहाँ नहीं है राजनीति? हर जगह राजनीति है …बाकी तो तुमने सब कुछ लिख ही दिया है. बस ऐसे ही लिखती रहो..आशीर्वाद!

    Sonam Saini के द्वारा
    May 9, 2015

    चाचा जी नमस्कार ….. आशीर्वाद के लिए आभारी हूँ, बीच में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है कि मैं चाहकर भी कुछ लिख नही पाती ऐसा जिसे यहां पोस्ट कर सकूँ …आपको कविता पसंद आई ….व मेरी बातो को आपकी सराहना और रजामंदी मिल गयी …लिखना सार्थक हो गया …बहुत-बहुत धन्यवाद व आभार चाचा जी …


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